भूमि विशेष सर्वेक्षण में वंशावली फॉर्म | वंशावली फॉर्म | GYANTAK

भूमि विशेष सर्वेक्षण वंशावली gyan tak |

वंशावली का उपयोग क्यों किया जाता है ?
बिहार में पुरानी भूमि यानी खतियान भूमि होने के कारण या मृत व्यक्ति  जिनके नाम से अभी तक रसीद कटते चला आ रहा है या जिनका जमाबंदी नाम से चल रहा है वह अभी मृत हो गए हैं यानी कि मृतक जमाबंदी है उस केस में उनके वंशज अभी जीवित हैं और उनके वंशज द्वारा अभी दखल कब्जा कर रखे हैं और उनके वंशज को सत्यापित करने के लिए वंशावली का प्रयोग किया जाता है ताकि पता चले कि इनके पूर्वज का ही यह जमीन था  इसे ग्राम सभा द्वारा ग्राम पंचायत मुखिया वार्ड द्वारा सत्यापित किया जाता है gyan tak
 
वंशावली का सत्यापन हिंदू और मुस्लिम के अलग-अलग नियमों से होंगे
 
वंशावली फॉर्म कहां और क्या-क्या डॉक्यूमेंट साथ में अटैच करके जमा करना होगा ?

भूमि सर्वे वंशावली फॉर्म को अच्छा से भरकर आप चाहे तो अपने ग्राम पंचायत सर्वे शिविर में भी जमा कर सकते हैं चाहे तो सर्वे शिविर के कानूनों या अमीन के पास यह फॉर्म आप जमा कर सकते हैं इस फॉर्म के साथ आपको निम्न प्रकार के डॉक्यूमेंट भी लगेंगे 

  1. मृत जमाबंदी की मृत्यु की तिथि या वर्ष
  2. जमाबंदी संख्या का विवरण या मालगुजारी
  3. खतियान की नकल
  4.  भूमि से संबंधित दस्तावेज
  5. न्यायालय का आदेश हो तो न्यायालय का कॉपी
  6. मृतक के वारिस होने का प्रमाण पत्र
  7. आवेदन कर्ता के आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड का फोटो कॉपी
 
वंशावली का सत्यापन कौन करेगा ?

⇒  भूमि सर्वे वंशावली का सत्यापन का काम आमीन तथा कानूनों द्वारा किया जाएगा अमीन तथा कानूनगो का इसमें काम है कि वह ग्राम सभा में जाकर स्थानीय जनप्रतिनिधि से मिलकर जैसे की मुखिया वार्ड सरपंच से मिलकर वह प्लॉट खाता नंबर के के साथ वंशावली का सत्यापन होगा | gyan tak

 
भूमि विशेष सर्वे में वंशावली बनाने के लिए डाउनलोड करें            Click Here
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